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चुनाव रिजल्ट के शुरुआती रुझान और अंतिम नतीजों में क्यों इतना अंतर? चुनाव आयोग ने खोल कर रख दी पूरी प्रक्रिया election-commission-explains-why-initial-trends


THN Network

DELHI DESK: हरियाणा चुनाव के नतीजों के बाद ईवीएम पर एक बार फिर सवाल उठने लगे. यहां विधानसभा चुनाव को लेकर आए तमाम एग्जिट पोल्स में कांग्रेस की बड़ी जीत का अनुमान जताया गया था, लेकिन चुनाव नतीजे इसके बिल्कुल उलट निकले और बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब रही. इस चुनाव नतीजे के बाद कांग्रेस ने यहां इस्तेमाल की गई ईवीएम की बैटरी को लेकर सवाल उठाए थे. चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के साथ ही इन सवालों का भी जवाब दिया है.

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शुरुआती रुझान और अंतिम नतीजों में भारी अंतर के साथ-साथ चुनाव आयोग की साइट पर काउंटिंग डेटा देर से अपडेट करने को लेकर सवाल पर कहा, ‘हमारी पहली काउंटिंग 8.30 बजे से शुरू होती है. हमारे पास प्रमाण है इस बार कि 8:10 या 8:15 बजे (टीवी चैनलों पर) यह आने लगा कि इतने की लीड, इतने की लीड… जो कि पूरी तरह बकवास है…’ उन्होंने बताया कि 9:30 बजे तक पहले राउंड की काउंटिंग का डेटा आता है, जो तुरंत ही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर डाली जाती है. ऐसे में 8:30 बजे से पहले आने वाले शुरुआती रुझानों की सारी खबरें पूरी तरह बकवास होती हैं.

ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ‘लोग पूछते हैं कि जब पेजर हैक करके ब्लास्ट किया जा सकता है, तो ईवीएम क्यों नहीं? इस पर ईसीआई ने कहा कि अरे भई पेजर कनेक्टेड होता, ईवीएम नहीं होता.. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे पास ईवीएम को लेकर 20 शिकायतें आई हैं और हम हर एक का अलग-अलग जवाब देंगे. यह प्रत्येक उम्मीदवारों के सवालों का जवाब देना हमारी जिम्मेदारी है और उस वेबसाइट पर पब्लिश भी करेंगे.

वहीं ईवीएम की बैटरी को लेकर सवाल पर राजीव कुमार ने बताया कि ‘वोटिंग से 5-6 दिन पहले ईवीएम की कमिश्निंग होती. उस दिन मशीन में सिंबल (उम्मीदवारों के चुनाव चिह्न) पड़ते हैं और उसी दिन ईवीएम में नई बैटरी डलती है. उस मशीन के साथ-साथ नई बैटरी पर भी सारे कैंडिडेट के एजेंट के दस्तखत होते हैं और कमिश्निंग के बाद ये उनके सामने स्ट्रॉन्ग रूम में जाती है. उसमें डबल लॉक लगाए जाते हैं और तीन लेयर की सिक्योरिटी होती है. उसके बाद जब पोलिंग के दिन निकलेंगी, उस दिन भी ये सारा प्रोसेस होता है, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी होती है.’

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