ROHTAS DESK: चुनावी राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले प्रशांत किशोर ने जन सुराज नाम की अपनी पार्टी का ऐलान कर दिया है. इस फैसले की देशभर में चर्चा हो रही है. लेकिन, असल टेंशन बिहार के राजनीतिक दल के कर्ताधर्ताओं को हो रही है. अन्य राजनीतिक पार्टियों की तरह जन सुराज और प्रशांत किशोर ने जाति वाला दावं नहीं चला है. ऐसे में न सिर्फ सभी पार्टियों को, बल्कि आमलोगों को भी लगता है कि प्रशांत किशोर हर पार्टी का वोट अपनी ओर ट्रांसफर करवाएंगे.
ऐसे में हमने उनके पैतृक गांव रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड स्थित कोनार का माहौल जानने की कोशिश की. बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में जन सुराज को बहुमत मिलता है या ऐसी कोई परिस्थिति बनती है, तो क्या प्रशांत किशोर खुद मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर गांधीजी-जेपी की तरह त्याग कर दूसरों को आगे बढ़ाएंगे.
कम आते हैं गांव, फिर भी बरकरार है जुड़ाव
ग्रामीणों की मानें तो प्रशांत किशोर का अपने पैतृक गांव कोनार आना-जाना कम ही होता है. पर्व-त्योहारों पर कभी-कभार आते हैं. बावजूद उनका अपने गांव के लोगों से गहरा जुड़ाव है. यहां उनका पुश्तैनी आवास है. हालांकि, घर का एक बड़ा हिस्सा अब पुराना हो चुका है. वहां पक्षियों ने अपना बसेरा बना लिया है. घर की देखरेख के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया गया है.
जनता के मुद्दों को गहराई से समझते हैं प्रशांत
गांव के युवा रोहित कुमार बताते हैं कि प्रशांत किशोर के पार्टी बनाने के निर्णय से वह बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा कि प्रशांत पिछले दो साल से पदयात्रा कर रहे हैं. उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए. रोहित की मानें तो प्रशांत जनता के मुद्दों को गहराई से समझते हैं. यह उनकी राजनीतिक यात्रा को नया आयाम देगा. कुछ अन्य युवा मानते हैं कि जनता अब जेडीयू, भाजपा, कांग्रेस और आजेडी जैसी पार्टियों से ऊब चुकी है. आने वाले समय में जन स्वराज बिहार की नंबर वन पार्टी बनकर उभरेगी.
सीएम बनकर शिक्षा और रोजगार देंगे प्रशांत
बुजुर्ग केदार पांडे कहते हैं कि प्रशांत किशोर का व्यक्तित्व बचपन से ही प्रभावशाली रहा है. पार्टी बनाने के उनके निर्णय से वे बहुत खुश हैं. वे तो प्रशांत को भविष्य में बिहार का मुख्यमंत्री और देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं.
अपेक्षाओं के सवाल पर केदार कहते हैं कि जो गांव कहेगा, वही प्रशांत किशोर करेंगे. प्रशांत के पैतृक आवास के सामने किराने की दुकान चलाने वाले गुरु शर्मा की मानें तो प्रशांत सिर्फ अपने गांव या बिहार के ही बारे में नहीं, बल्कि पूरे देश के बारे में सोचते हैं. उन्हें उम्मीद है कि प्रशांत के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य के सभी लोगों को रोजगार और अच्छी शिक्षा मिल सकेगी.


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