DHRM DESK: 3 अक्टूबर से शारदीय यानी आश्विन मास (Ashwin navratri) की नवरात्रि शुरू होगी. देवी पूजा का ये पर्व 11 अक्टूबर तक चलेगा. इस साल तिथियों के घट-बढ़ के कारण नवरात्रि 9 की बजाय 10 दिन की होगी.
नवरात्रि की दो महत्वपूर्ण तिथियां दुर्गाष्टमी (Navratri ashtami) और दुर्गा नवमी (Navratri navami) एक ही दिन मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हीं नौ दिनों में मां दुर्गा धरती पर आती है और धरती को उनका मायका कहा जाता है. इस नवरात्रि में दुर्गा पूजा भी मनाई जाती है.
शारदीय नवरात्रि का धार्मिक महत्व (Shardiya Navratri significance)
शारदीय नवरात्रि का पर्व सिद्धि और साधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. इस नवरात्र में लोग अपनी आध्यात्मिक और मानसिक शक्ति के संचय के लिए अनेक प्रकार के व्रत, संयम, नियम, यज्ञ, भजन, पूजन, आदि करते हैं. शारदीय नवरात्रि सभी नवरात्रियों में सबसे अधिक लोकप्रिय एवं महत्वपूर्ण नवरात्रि है. इसीलिए शारदीय नवरात्रि को महा नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है
साल में आती हैं 4 नवरात्रि
एक साल में कुल चार बार नवरात्रि आती है. पहली चैत्र मास में, दूसरी आषाढ़ में, तीसरी आश्विन में और चौथी माघ मास में. चैत्र और आश्विन मास की नवरात्रियां सामान्य होती हैं, इसमें 9 देवियों की पूजा होती है. इन नवरात्रियों में देवी की सरल तरीकों से पूजा की जाती है. वहीं आषाढ़-माघ मास में गुप्त नवरात्रि आती है जिसमें महाविद्या की पूजा होती है, जो तांत्रिक और अघोरियों के लिए महत्वपूर्ण है.
नवरात्रि के 9 दिन क्या होता है ? (Shardiya Navratri 2024 Puja)
नवरात्रि के नौ दिनों के अनुसार स्त्रियां नौ अलग-अलग रंगों के वस्त्र पहनती हैं. यह रंग सप्ताह के दिन के आधार पर तय किया जाता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार सप्ताह का प्रत्येक दिन एक ग्रह से संबंध है. इसके प्रभाव से माता का आशीर्वाद और ग्रहों का शुभ प्रभाव जीवन में देखने को मिलता है
नवदुर्गा के प्रत्येक स्वरूप को एक खास भोग अर्पित किया जाता है, इससे देवी प्रसन्न होती है.
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