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हरियाणा में कांग्रेस आलाकमान मतलब भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व CM के सामने नहीं चली राहुल गांधी की दरियादिली?


THN Network

HARYANA DESK: लोकसभा चुनाव रिजल्ट के बाद ऐसे संकेत मिलने लगे थे कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व एक बार फिर मजबूत हो गया है. लेकिन, हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही सरगर्मियों के बीच फिर सवाल उठने लगे हैं कि कांग्रेस में असली पावर कहां केंद्रित है. अभी की ताजा खबर यह है कि हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत टूट गई है. आप ने राज्य की 20 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. कुछ देर पहले तक यह रिपोर्ट आ रही थी कि कांग्रेस और आप के बीच करीब-करीब गठबंधन फाइनल हो गया है. कांग्रेस पार्टी आप को पांच सीटें देने के लिए राजी हो गई है. लेकिन, आप के 20 उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद सारे कयास खत्म हो गए.

दरअसल, बीते दिनों हरियाणा को लेकर दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय और प्रदेश नेताओं की बैठक हुई थी. उस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सुझाव दिया था कि हमें राज्य में इंडिया गठबंधन के दलों को समायोजित करने पर जोर देना चाहिए ताकि भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा न हो. लेकिन, प्रदेश नेतृत्व राहुल के इस सुझाव से सहमत नहीं था. हालांकि, चार माह पहले ही हुए लोकसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन हुआ था. राज्य की 10 लोकसभा सीटों में से एक आप को मिली थी. असहमत होने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व ने राहुल के सुझाव को स्वीकार करते हुए आप के साथ गठबंधन पर बातचीत को लेकर सहमति जता दी. वरिष्ठ नेताओं की एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई जो आप के साथ सीटों पर बातचीत कर रही थी. आप राज्य में 9 से 10 सीटों की मांग कर रही थी. अंत में पांच सीटों पर सहमति की बात भी सामने आई.

साथ आए हुड्डा और सुरजेवाला
इस बीच रिपोर्ट आई कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गठबंधन के पक्ष में बिल्कुल नहीं थे. वह इस बात पर डटे हुए थे कि राज्य में आप अगर अकेले चुनाव लड़ती है तो भी वह कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगी. इतना ही नहीं वह यह भी कह रहे थे कि जहां से कांग्रेस उम्मीदवारों के जीतने की संभावना ज्यादा है वही सीट आप मांग रही है. इस कारण गठबंधन का कोई मतलब नहीं है. हुड्डा को इस मसले पर पार्टी के भीतर उनके विरोधी माने जाने वाले रणदीप सुरजेवाला का भी साथ मिला. इतना ही नहीं आप के साथ बातचीत के लिए बनाई गई कमेटी के सदस्य और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री अजय माकन ने भी हुड्डा का साथ दिया. इस तरह हुड्डा ने राज्य में पार्टी के भीतर के अपने प्रतिद्वंद्वियों को भी इस मसले पर अपने साथ कर लिया है.

क्या बची है संभावना
हालांकि आप की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि अभी बातचीत खत्म नहीं हुई है. कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि आप का हक है वो अपनी लिस्ट जारी करें लेकिन गठबंधन पर अभी बातचीत जारी है. कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी दीपक बावरिया की तबीयत खराब है, इसलिए बातचीत थोड़ी देर के लिए रूकी हुई है. खत्म नहीं हुई है. आप ने जो भी निर्णय लिया है वह उनका एक तरफा है हमारी तरफ से गठबंधन की संभावना अब भी बरकरार है.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने बड़ा दिल दिखाते हुए विपक्षी एकता और भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए आप के साथ गठबंधन पर सहमति जताई हालांकि वह जानते हैं कि सूबे में आप की राजनीतिक हैसियत कुछ खास नहीं है. फिर भी हम कुछ सीटें कुर्बान करने को तैयार थे लेकिन अगर आप को भाजपा विरोधी वोटों को इकट्ठा नहीं रखना तो ये उनका फैसला.

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