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CA Story: घर आते ही बेड पर लुढ़क जाती थी बेटी, मैनेजर रात में देता था काम, मरी तो ऑफिस से कोई पहुंचा तक नहीं


THN Network

CRIME DESK: एक सामान्य परिवार के बच्चे को नौकरी मिलना, उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा होता है. इसी तरह एक परिवार ने भी अपनी बेटी को लेकर एक सपना देखा. उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ा-लिखाकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनाया. महज 26 साल की उम्र में उसे एक नामी-गिरामी कंपनी में नौकरी भी मिल गई, लेकिन किसे पता था कि यह उसकी पहली और आखिरी नौकरी होगी, और वह हमेशा के लिए इस दुनिया से अलविदा कह देगी.

यह मामला महाराष्ट्र के पुणे का है। यहां केरल की चार्टर्ड अकाउंटेंट एना सेबेस्टियन पेरायिल (Anna Sebastian Perayil) ने EY कंपनी में इसी साल मार्च में जॉइन किया था, लेकिन जुलाई में एना की मौत की खबर आई, जिसने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. बताया जा रहा है कि कंपनी के वर्क प्रेशर की वजह से एना ने आत्महत्या कर ली. अब, इस मामले में एना की मां ने कंपनी के डायरेक्टर को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी पर पड़े वर्क प्रेशर और उसके बॉस की ओर से अधिक काम के दबाव का आरोप लगाया है.

‘अपने अनमोल बच्चे को खो दिया’
एना सेबेस्टियन की मां अनीता ऑगस्टीन ने EY इंडिया के अध्यक्ष राजीव मेमानी को इस मामले में एक पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा, ‘मैं यह पत्र एक दुखी मां के रूप में लिख रही हूं, जिसने अपने अनमोल बच्चे को खो दिया है. मेरी बेटी ने 19 मार्च 2024 को एक एग्जीक्यूटिव के रूप में EY पुणे जॉइन किया था, लेकिन चार महीने बाद, 20 जुलाई को, मेरी दुनिया बिखर गई, जब मुझे यह सूचना मिली कि एना अब इस दुनिया में नहीं रही. वह सिर्फ 26 साल की थी.’

काम के बोझ से हुई मौत
अनीता ने अपने पत्र में लिखा, ‘काम के बोझ, नए वातावरण, और लंबे समय तक काम करने के कारण मेरी बेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत नुकसान हुआ. एना की टीम के कई लोगों ने रिजाइन कर दिया था, जिससे उस पर अधिक वर्क प्रेशर आ गया. इसी कारण वह चिंता और तनाव में रहने लगी. वह अनिद्रा से भी पीड़ित हो गई, लेकिन फिर भी वह लगातार काम करती रही. मेरी बेटी यह मानती थी कि कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी है.’


‘मेरी बेटी ने जान देकर चुकाई कीमत’
एना की मां ने यह भी लिखा कि जब एना ने कंपनी जॉइन की थी, तब उसके बॉस ने कहा था कि कई लोगों ने ज्यादा काम के कारण यहां से इस्तीफा दे दिया है, इसलिए तुम्हें हमारी टीम की छवि को सुधारना होगा. उन्होंने लिखा, ‘मेरी बेटी ने जान देकर इसकी कीमत चुकाई.’ उन्होंने पत्र में बताया कि एना देर रात तक और वीकेंड्स पर भी काम करती थी. कंपनी का बहुत सारा काम उसे सौंपा जाता था. एना की मां का आरोप है कि एना का मैनेजर दिनभर मीटिंग्स में व्यस्त रहता था और शाम को सारा काम एना को दे देता था, जिससे उसे देर रात तक काम करना पड़ता था. एक बार, उसके मैनेजर ने रात में उसे काम दिया, जिससे उसे पूरी रात काम करना पड़ा. उसे आराम करने तक का समय नहीं मिलता था.


ऑफस से लौटते ही बिस्‍तर पर लुढ़क जाती
मां अनीता ने अपने लेटर में लिखा है कि काम के प्रेशर और उसकी थकान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिन भर काम करने के बाद थक कर घर पहुंचने के बाद वह कई बार कपड़े चेंज किए बगैर ही बिस्‍तर पर लुढ़क जाती थी. कई बार उसका मैनेजर रात में फोन पर उससे रिपोर्ट मांगता था. एना की मां ने कंपनी को लिखा है कि दुख की बात तो यह है कि इतना सबकुछ करने वाली लड़की के अंतिम संस्‍कार में तक कंपनी का कोई व्‍यक्‍ति नहीं पहुंचा.

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