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क्या कोलकाता केस का दरिंदा पुलिस की बैड कैरेक्टर्स की लिस्ट में शामिल था? कौन हैं ये बीसी जो होते हैं पुलिस के मुखबिर


THN Network

WEST BENGAL DESK: कोलकाता डॉक्टर केस का आरोपी अक्सर रेड लाइट एरिया में जाता था। उस पर कई महिलाओं ने पहले भी छेड़खाने के आरोप लगाए थे। वह रेगुलर शराब भी पीता था। वह अपने मोबाइल में गंदे वीडियो रखता था। आरोपी का पुलिस के रेगुलर संपर्क में था। वह पुलिस के लिए अस्पताल में काम करता था। यानी अगर कोई पुलिसवाला अस्पताल में भर्ती होता था तो वह उनके लिए दवाएं, पानी या खाना लाने का काम किया करता था। उस पर आरोप है कि उसने 8-9 अगस्त की दरम्यानी रात को जूनियर डॉक्टर की रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी। दरिंदगी से पहले भी आरोपी के शराब पीने की बात सामने आई थी। फिलहाल, आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या ये आरोपी पुलिस की बैड कैरेक्टर्स की लिस्ट में शामिल था। ऐसे लोग कौन होते हैं, जिनका पुलिस रिकॉर्ड रखती है। लीगल एक्सपर्ट से समझते हैं।

कौन होते हैं बैड कैरेक्टर या बीसी जिनका थाने में होता है रिकॉर्ड
सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट अनिल कुमार सिंह श्रीनेत के अनुसार, बैड कैरेक्टर का मतलब है खराब या बुरे आचरण वाला व्यक्ति। ऐसे लोग हैबिचुअल यानी आदतन अपराधी होते हैं। किसी भी थाने की पुलिस चेन स्नेचिंग, लूटपाट, मोबाइल चुराने वाले, चोर या रेप-हत्या जैसे असमाजिक काम करने वाले अपराधी किस्म के लोगों को बैड केरेक्टर के रूप में पहचान करती है। उनका रिकॉर्ड हर पुलिस थाने में रखा जाता है। दिल्ली पुलिस ने 2022 में 14 हजार बैड कैरेक्टर्स की पहचान की थी। ये बैड कैरेक्टर्स थानों में मोस्ट वांटेड से अलग होते हैं, जिनकी फोटो चस्पा हुई होती है। इनमें से कुछ इनामी भी होते हैं यानी जिन्हें पकड़वाने में मदद करने पर पुलिस की तरफ से कुछ इनाम भी तय होते हैं।

कौन लगाता है बैड कैरेक्टर वाले व्यक्ति पर मुहर
अनिल सिंह के अनुसार, आदतन अपराध करने वाले व्यक्तियों को थाना स्तर से एसएचओ बैड कैरेक्टर घोषित करने की सिफारिश करता है। इस सिफारिश पर अंतिम मुहर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) या पुलिस उपायुक्त (DCP) करता है। इसके बाद पुलिस उस व्यक्ति को बैड कैरेक्टर घोषित कर देती है। उस बैड कैरेक्टर का नाम थाने के बैड कैरेक्टर रजिस्टर में दर्ज कर लिया जाता है।

आप के विधायक अमानतुल्लाह भी बैड कैरेक्टर
एडवोकेट अनिल सिंह के अनुसार, मई, 2022 में आम आदमी पार्टी के विधायक रहे अमानतुल्लाह खान को दिल्ली पुलिस ने बैड कैरेक्टर (Bad Character या BC) घोषित कर दिया था। बैड कैरेक्टर घोषित किए गए व्यक्ति के चाल-चलन और उसके कामकाज पर पुलिस कड़ी निगरानी रखती है। जैसे ही किसी थाना क्षेत्र में कोई भी वारदात होती है तो ऐसे बैड कैरेक्टर को पुलिस बुलाकर तलब करती है और पूछती है कि कहीं वो उस घटना में शामिल तो नहीं था।

बैड कैरेक्टर की तीन तरह की होती है कैटेगरी
एडवोकेट अनिल कुमार सिंह श्रीनेत बताते हैं कि बैड कैरेक्टर्स की तीन तरह की कैटेगरी होती है। ए कैटेगरी के बैड कैरेक्टर में ऐसे बदमाश होते हैं, जो मौजूदा वक्त में एक्टिव होते हैं और जो अक्सर अपराधों में शामिल होते रहते हैं। वहीं, बी कैटेगरी में वो लोग होते हैं, जो क्राइम की दुनिया से दूर जा चुके होते हैं, मगर उनके दोबारा क्राइम में शामिल होने की आशंका रहती है। वहीं, सी कैटेगरी में ऐसे लोग होते हैं, जो अतीत में अपराध कर चुके होते हैं, मगर अब वो अपराध करने की हालत में नहीं होते हैं। ऐसे लोग बूढ़े या लाचार हो चुके होते हैं। समय-समय पर डीसीपी या एसएसपी बैड कैरेक्टर्स की लिस्ट की जांच करता है और जो बैड कैरेक्टर गुड कैरेक्टर में आ जाता है यानी सुधर जाता है तो उसका नाम इस सूची से बाहर कर दिया जाता है।

















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