DELHI DESK: भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में कुल 6 मेडल जीते. यह टोक्यो 2020 ओलंपिक से एक मेडल कम था. भारत ने टोक्यो में सात पदक जीते थे जो ओलंपिक इतिहास का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. 119 भारतीय एथलीटों का दल पेरिस पहुंचा था जिनमें शूटर मनु भाकर ने दो मेडल अपने नाम किए. इन एथलीटों में से 5 खिलाड़ियों पर सरकार ने सबसे ज्यादा पैसे खर्च किए थे जिसमें नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, पीवी सिंधु, सात्विक-चिराग और अनीश भानवाला शामिल थे. इन खिलाड़ियों की तैयारी पर सरकार ने करोड़ों खर्चे लेकिन इनमें से सिर्फ नीरज चोपड़ा ऐसे एथलीट रहे जिन्होंने इस ओलंपिक में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
भारतीय एथलेटिक्स के पोस्टर ब्वॉय नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) पर 5.82 करोड़ खर्च किए गए. टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में जैवलीन थ्रो स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. एथलेटिक्स में लगातार दो ओलंपिक में मेडल जीतने वाले नीरज पहले भारतीय बने. नीरज पेरिस में 89.45 मीटर थ्रो के साथ दूसरे नंबर पर रहे जबकि पाकिस्तान के अरशद नदीम 92.97 मीटर थ्रो कर पहले स्थान पर रहे.
शटलर चिराग सात्विक की जोड़ी पर खर्च हुए 5.62 करोड़
शटलर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की युगल जोड़ी से पेरिस में पदक की उम्मीद थी लेकिन इस जोड़ी ने भी निराश किया. दोनों खिलाड़ियों पर 5.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे लेकिन भारतीय जोड़ी को पुरुष वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. महिला शटलर पीवी सिंधु भी उम्मीद पर खरा नहीं उतर पाईं. सिंधु पेरिस में लगातार तीसरे ओलंपिक पदक के इरादे से गई थीं लेकिन उन्होंने भी निराश किया. उनपर 3.13 करोड़ खर्च किए गए थे.
मीराबाई चानू चौथे नंबर पर रहीं
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू चौथे नंबर पर रहीं. उन्होंने टोक्यों में सिल्वर मेडल जीता था. पेरिस में भी उनसे सिल्वर या ब्रॉन्ज की उम्मीद थी लेकिन वह भी पदक जीतने में नाकाम रहीं. मीराबाई पर 2.74 करोड़ खर्च किए गए थे लेकिन वह कुल 199 किलो वजन के साथ चौथे नंबर पर रहीं. निशानेबाज अनीश भानवाला भी आगे तक नहीं जा सके. उनपर 2.41 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे लेकिन वह भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए. इन पांचों खिलाड़ियों पर भारत सरकार ने 20 करोड़ से ज्यादा धनराशि खर्च किए थे.
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