FOREIGN DESK: बांग्लादेश के हाल दिन ब दिन बदतर होते जा रहे हैं. हिंसा, राजनीतिक उठापटक, पलायन और आगजनी की घटनाओं के बीच भले ही नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने देश की कमान संभाल ली हो लेकिन उनके लिए हालात संभालना टेढ़ी खीर होगा. वह भी ऐसे समय में जब हाल ही में भारतीय चैनल को दिए इंटरव्यू में वह भारत तक को ‘धमका’ चुके हैं. बांग्लादेश को लेकर ताजा अपडेट यह है कि वहां आर्थिक मोर्चे पर सबकुछ बुरी तरह लड़खड़ा रहा है. कई एटीएम खाली हैं और देश में बहुत बुरी तरह से कैश क्रंच पैदा हो गया है.
बांग्लादेश के भीतर ऐसा क्या हो रहा है…
कई बैंकों ने एटीएम बूथ और यहां तक कि बैंकों को भी बंद करके रखा हुआ है. लूटपाट के मद्देनजर ऐहतियातन बांग्लादेश के कई बैंकों ने अपने अपने शटर डाउन किए हुए हैं. कई बैंकों के देश में कई जगहों पर एटीएम हैं और वे बंद पड़े हैं. कई ऐसे हैं जिनमें एक भी पैसा नहीं है. इसी के साथ भारत की ओर से जाने वाला कच्चा सामान, चावल, गेंहूं तक भारत और बांग्लादेश के बॉर्डर भी अटका पड़ा है.
बैंकरों के हवाले से द डेली स्टार की रिपोर्ट कहती है कि ऐसे कई एटीएम हैं, जिनमें नकदी नहीं है क्योंकि नकदी ले जाने वाली सुरक्षा एजेंसियों ने मौजूदा स्थिति में सेवाएं न देने का निर्णय लिया है. बांग्लादेश में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ओबैदुल हसन ने भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है. दरअसल उनके इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का प्रोटेस्ट जारी था. छह और जजों ने इस्तीफा दिया है. वैसे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का पहला काम है हसीना के पतन के साथ ही शुरू हुआ कानून और व्यवस्था के बुरे हाल को संभालना.


0 Comments