होली का त्योहार करीब है. होली को वैसे भी मौज-मस्ती और हुड़दंग का त्योहार माना जाता है. इस मौके पर जमकर जश्न मनाया जाता है. लोग होली सेलिब्रेट करने के लिए जमकर पार्टी करते हैं. पार्टी है तो जाम भी छलकेंगे. अगर आप भी इस होली पर पार्टी करना चाह रहे हैं तो आपको पहले ही इससे जुड़े नियम जान लेने चाहिए कि कितनी शराब घर पर रख सकते हैं.
इस दिन क्योंकि शराब की दुकानें बंद होती हैं इसलिए लोग पहले ही बोतलें खरीद कर घर में स्टोर कर लेते हैं. अगर आप भी शराब का स्टाक जुटाने की तैयारी में लगे हैं तो मालूम होना चाहिए कि घर में कितनी बोतलें रखने की इजाजत है. क्योंकि शराब राज्य का विषय है इसलिए हर राज्य में आबकारी कानून और नीतियां अलग हैं. लेकिन हर राज्य में इसे लेकर कानून और नियम हैं कि घर में कितनी शराब रखी जा सकती है.
यूपी में कितनी शराब रखने की अनुमति
उत्तर प्रदेश में घर में विदेशी शराब रखने की मात्रा 4.5 लीटर है यानी शराब की छह बोतलें घर में रखी जा सकती हैं. छह बोतलें रखने पर कोई रसीद दिखाने की जरूरत नहीं है. बीयर रखने की मात्रा भी तय है. आपके फ्रीज या होम मिनी बार में बीयर की अधिकतम 12 केन रखी जा सकती हैं. अगर आप घर में देशी शराब रख रहे हैं तो इसकी मात्रा एक लीटर हो सकती है. पाउच में पांच पौवे (200 मिली) रखे जा सकते हैं.
दिल्ली में इसके लिए क्या कानून है?
वैसे इंडियन वाइन एकेडमी के एक लेख के अनुसार दिल्ली में कोई भी 25 साल से ज्यादा उम्र का व्यक्ति नौ लीटर व्हिस्की, रम या वोदका स्टोर कर सकते हैं. इसके अलावा वह 18 लीटर तक वाइन या बीयर का स्टॉक कर सकता है. इससे ज्यादा शराब रखना कानून का उल्लंघन माना जाएगा.
पंजाब और हरियाणा में क्या है लिमिट
बेशक पंजाब वालों को ज्यादा पीने- पिलाने वाला माना जाता है, लेकिन वहां आप घर में देशी या विदेशी शराब की दो बोतल ही स्टोर कर सकते हैं. अगर आप पंजाब में होली की पार्टी कर रहे हैं और इससे ज्यादा शराब घर में स्टोर करना चाहते हैं तो आपको हर साल एक हजार रुपये की फीस देकर लाइसेंस लेना होगा. हरियाणा में देशी शराब की छह और विदेशी शराब की 18 बोतल घर में स्टोर की जा सकती हैं. अगर आपको इससे ज्यादा की शराब स्टोर करनी है तो आपको 200 रुपये महीने की फीस देकर लाइसेंस लेना होगा.
हिमाचल में रख सकते हैं कितनी बोतलें
पहाड़ी राज्यों में अल्कोहल रखने की घरेलू स्टॉक सीमा अलग होती है. हिमाचल प्रदेश में हर व्यक्ति 36 बोतल व्हिस्की रख सकता है तो 48 बोतल बीयर. इसमें एक एल-50 लाइसेंस होता है, जिससे ये सीमा बढ़ाई जा सकती है. उत्तराखंड में 12,000 रुपये की वार्षिक लाइसेंस फीस और कुछ शर्तों के साथ, लाइसेंस धारक को घर पर किसी भी समय अधिकतम 9 लीटर भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल), 18 लीटर विदेशी शराब स्टोर करने की अनुमति होगी. बीयर की सीमा 15.6 लीटर की है.
क्या है शराब पीने की न्यूनतम उम्र
भारत में अलग अलग राज्यों में शराब पीने की न्यूनतम उम्र अलग-अलग है. अधिकांश राज्यों में ये उम्र 21 या 25 वर्ष है, लेकिन कुछ राज्यों में ये उम्र 18 साल भी है. ये राज्य गोवा, हिमाचल, कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी, राजस्थान और सिक्किम हैं. महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ में ये उम्र न्यूनतम 25 वर्ष है. जबकि केरल में शराब पीने की कानूनी उम्र 23 वर्ष है.
इन राज्यों में शराब पीना प्रतिबंधित
पांच भारतीय राज्यों में शराब की खपत पर पूर्ण प्रतिबंध है, ये राज्य हैं- बिहार, गुजरात, लक्षद्वीप, नागालैंड, मिजोरम. मणिपुर में आंशिक प्रतिबंध है. नागालैंड में शराब पर पूर्ण निषेध अधिनियम 03 दशकों से लागू है. हालांकि इन सभी राज्यों में पांच सितारा होटलों में विदेशियों के लिए बार में शराब की अनुमति है. साथ ही अगर स्वास्थ्यगत तौर पर अगर डॉक्टर सीमित तरीके से आपको अल्कोहल पीने के लिए प्रिस्क्रिप्शन लिखता है तो भी आप शराब पी सकते हैं.
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