HARYANA DESK: हरियाणा में बीजेपी और दुष्यंत चौटाल की पार्टी JJP के बीच गठबंधन टूट गया है. सूत्रों ने बताया कि लोकसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला की पार्टी की तरफ से 2 सीट की मांग की जा रही थी. बीजेपी नेतृत्व एक सीट देने की बात मानने को तैयार था. पर दुष्यंत 2 सीट पर अड़े थे. वहीं बीजेपी प्रदेश नेतृत्व 10 सीट पर लड़ना चाहती थी, क्योंकि सभी सीटों पर उसके सांसद हैं. ऐसे में अब दोनों दलों का गठबंधन टूट गया है.
बीजेपी के नेता कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि सीएम और पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया है और राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन टूटने पर कांग्रेस ने तंज कसा है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि 2019 में जो सरकार बनी थी, वो स्वार्थ में बनी थी. स्वार्थ में गठबंधन अलग करने का भी समझौता हो चुका है.
हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं. सरकार बनाने कि लिए किसी भी एक पार्टी को 46 विधायकों की जरूरत होती है. अब जेजेपी से गठबंधन टूटने के बाद भी बीजेपी सरकार में बनी रहेगी. राज्य में बीजेपी के 41 विधायक हैं. वहीं गोपाल कांडा की पार्टी के एक विधायक हैं. राज्य में पांच निर्दलीय विधायक हैं. इनकी कुल संख्या 47 हो जाती है. पहले सरकार के पास जेजेपी के 10 विधायकों का भी समर्थन था और दुष्यंत चौटाला डिप्टी सीएम थे. सरकार के पास 57 विधायकों का समर्थन था. वहीं विपक्ष में कांग्रेस के 30 विधायक हैं और बलराज कुंडू और सोमबीर सांगवान दो निर्दलीय विधायक हैं. एक विधायक आईएनएलडी के हैं.
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