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Elections 2024: लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए छत्तीसगढ़ क्यों है MP से बड़ी चुनौती? समझें पूरी कहानी


THN Network

 MP DESK: छत्तीसगढ़ में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बेशक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की हो, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी यहां लगातार अपनी ताकत झोंक रही है. राजनीतिक एक्सपर्ट की मानें तो बीजेपी के लिए यहां जीत की राह इतनी आसान नहीं है, यही वजह है कि पार्टी के तमाम नेता यहां लगातार दौरा कर रहे हैं. इसके अलावा पीएम ने भी यहां सक्रियता बढ़ा दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का शुभारंभ करेंगे, जो पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना की तर्ज पर शुरू की गई एक योजना है. राजनीतिक एक्सपर्ट मानते हैं कि पिछले साल हुए मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस योजना ने बीजेपी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा इस महीने की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई सहित छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के कुछ और शैक्षणिक संस्थानों का उद्घाटन किया था.

अमित शाह ने पिछले महीने भी किया था दौरा

23 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया और बस्तर के कोंडागांव में बीजेपी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. उन्होंने राज्य के मध्य क्षेत्र जांजगीर में एक सार्वजनिक बैठक को भी संबोधित किया. पार्टी के कार्यकर्ता लगातार अलग-अलग जिलों में लोगों से संपर्क कर रहे हैं.

इन आठ सीटों ने उड़ाई बीजेपी की नींद

2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 11 में से 9 सीटें जीती थीं, जो 2014 की तुलना में एक कम है. मध्य प्रदेश में पार्टी ने 2014 में 29 में से 27 सीटों पर जीत दर्ज की और 2019 में 28 सीटें जीतीं. 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में कोरबा और बस्तर (अनुसूचित जनजाति) सीट पर जीत दर्ज की थी. भारतीय जनता पार्टी इस बार इन दोनों सीटों पर ज्यादा फोकस कर रही है. इसके अलावा बीजेपी के रडार पर दूसरी सीट जांजगीर चांपा (अनुसूचित जाति) है. यहां पार्टी ने 2019 में 15 लाख वोटों के अंतर से जीता था, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनावों में नतीजे हैरान करने वाले रहे. भाजपा को इस लोकसभा सीट के तहत आने वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों में से किसी में भी जीत नहीं मिली थी.

2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दी थी मात

भाजपा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में 32.97 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 15 सीटें जीती थीं, जबकि विजयी कांग्रेस ने 43.04 प्रतिशत वोट और 68 सीटें जीती थीं. भले ही भाजपा ने 2023 में 46.27 प्रतिशत वोट और 54 सीटें जीतकर बड़ी वापसी की, फिर भी कांग्रेस 90 सदस्यीय विधानसभा में 35 सीटें जीतने और 42.23 प्रतिशत वोट हासिल करने में सफल रही.

मध्य प्रदेश में ज्यादा मजबूत है बीजेपी

इसके उलट मध्य प्रदेश में  भाजपा ने 2023 में 163 सीटों के साथ 48.62 प्रतिशत वोट हासिल किए, जबकि कांग्रेस 40.45 प्रतिशत वोटों के साथ 66 सीटों पर सिमट गई. दूसरे शब्दों में, भाजपा नेतृत्व को पता है कि कांग्रेस भले ही 2023 का चुनाव हार गई हो, लेकिन वह मध्य प्रदेश की तुलना में छत्तीसगढ़ में बेहतर लड़ाई दे सकती है.

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