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LIFESTYLE: इन छुट्टियों में बच्चों को इस तरह तैयार करें कि वो बिना स्ट्रेस के स्कूल खुलने के बाद होने वाली पढ़ाई के लिए पहले से रेडी हो सकें. उन्हें एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज ज्वॉइन कराने के साथ ही स्कूल के करिकुलम को खत्म करने की प्रैक्टिस भी कराएं. कुछ टिप्स हैं जिनकी मदद से आप अपने बच्चों के समर वैकेशन को प्रोडक्टिव बना सकते हैं. इस समय का मुख्य फायदा ये है कि वे बिना प्रेशर के नई चीजों सीख पाएंगे.
सबसे पहले होमवर्क पूरा कराएं
बच्चों में सामान्य तौर पर ये आदत होती है कि वे पहले तो होमवर्क पर ध्यान नहीं देते और जैसे ही स्कूल खुलने का समय नजदीक होता है वैसे ही पैनिक करने लगते हैं. बच्चे बहुत छोटे होते हैं तो ये पैनिक पैरेंट्स ज्यादा करते हैं. इसलिए सबसे पहले अपने और बच्चों के ऊपर से ये स्ट्रेस खत्म करने के लिए उनका होमवर्क पूरा कराएं.
जिस विषय में हो समस्या
हर बच्चे को कोई विषय बहुत पसंद होता है तो किसी में बहुत समस्या होती है. आपका बच्चा जिस सब्जेक्ट में कमजोर हो या जिससे उसे डर लगता हो, उस विषय को चुनें और उसके साथ बैठकर ये डर खत्म कराएं. ये समय प्रैक्टिस के लिए बेस्ट है. इस समय न स्कूल का प्रेशर है न टीचर का न ही होमवर्क का. इसलिए बेहतर होगा कि इसका पूरा फायदा उठाएं और उसके मन से पढ़ाई का या किसी विषय विशेष का डर निकालें.
हैंडराइटिंग पर कर सकते हैं काम
बहुत से बच्चों की हैंडराइटिंग अच्छी नहीं होती है. ये समय इस काम के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है. उन्हें बुक्स लाकर दें और प्रैक्टिस कराएं. हिंदी या इंग्लिश जिस विषय में उन्हें प्रैक्टिस की जरूरत हो वो कराएं. कई बार राइटिंग ठीक होने पर भी बच्चे स्पीड की बात आते ही मैनेज नहीं कर पाते. स्पीड से लिखने की प्रैक्टिस भी इस दौरान की जा सकती है.
छोटी-छोटी बातें सिखाएं
बैग लगाने से लेकर, टाइम-टेबल देखने तक, घर आकर स्कूल का काम खत्म करने से लेकर, रिवीजन और प्रोजेक्ट बनाने तक, बच्चों को इस समय बहुत से काम सिखाएं जा सकते हैं. स्कूल के दौरान ये सिखाना मुश्किल होता है क्योंकि समय कम होता है लेकिन इस वक्त उन्हें शेड्यूल में फिट होना सिखाया जा सकता है. इंडिपेंडेंट बनने की ट्रेनिंग देने का ये वक्त बिलकुल सही है.
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