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Income Tax Raid: झारखंड में 100 करोड़ की अघाेषित संपत्ति का पता चला, आयकर विभाग का बड़ा खुलासा

डेस्क (THN Network)


Income Tax Raid In Jharkhand झारखंड में पिछले तीन दिनों तक चली आयकर विभाग की छापेमारी में 100 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी मिली है। तीन दिनों तक की गई छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने मंगलवार को इस बारे में बयान जारी कर जानकारी साझा की है। आयकर विभाग की टीम ने झारखंड में 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी रांची, गोड्डा, बेरमो, दुमका, जमशेदपुर, चाईबासा के अलावा बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के गुरुग्राम और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हुई थी। इस छापेमारी के दौरान 2 करोड़ रुपये से अधिक नगदी जब्त हुआ था। आयकर विभाग की टीम ने 16 बैंक लाकर को जांच के अधीन रखा है। इसकी जांच की जा रही है। विभाग को पता चला है कि 100 करोड़ से अधिक के निवेश और संपत्ति को आरोपितों ने छिपाया है।

मालूम हो कि झारखंड में पिछले शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम ने कांग्रेस विधायक अनूप सिंह और प्रदीप यादव तथा कोल्हान प्रमंडल में शाह ब्रदर्स ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी का नेतृत्व पटना के आयकर अधिकारी कर रहे थे। शाह ब्रदर्स का आयरन ओर के अलावा कई अन्य कारोबार है। उस दौरान मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि आयकर टीम ने 70 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। लेकिन अब आयकर की टीम ने स्पष्ट कर दिया है कि 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। छापेमारी के बाद कांग्रेस विधायक अनूप सिंह ने कहा था कि आयकर अधिकारियों ने उनके घर की दीवार तोड़ कर जांच की थी, लेकिन वहां से कुछ भी नहीं मिला। अनूप सिंह का कहना था कि भाजपा ने मुझे खरीदने की कोशिश की, जब वह नहीं बिके तो प्रतिशोध स्वरूप आयकर विभाग से छापेमारी कराई गई है।

जिन अघोषित संपत्तियों व निवेश का पता चला है, ये संपत्ति कोयला, परिवहन, लौह अयस्क, स्पंज आयरन आदि उद्योगों से जुड़े व्यवसायिक समूहों व दो कांग्रेसी विधायकों से जुड़े हुए बताए गए हैं। आयकर विभाग ने मंगलवार को अधिकृत रूप से जारी बयान में इसका खुलासा किया है। विभाग ने यह भी बताया है कि उक्त छापेमारी में दो करोड़ रुपये से अधिक नकदी व 16 बैंक लाकर जब्त किए गए हैं, जिसकी जांच की जाएगी। आयकर विभाग की टीम ने रांची, गोड्डा, बेरमो, दुमका, जमशेदपुर, चाईबासा, पटना, गुरुग्राम व कोलकाता में चार नवंबर से छह नवंबर तक यानी 72 घंटे तक छापेमारी की थी। विभाग ने यह भी बताया है कि पूरे मामले में अनुसंधान आगे भी जारी रहेगा।

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