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BUSINESS: भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश है. 2023 में भारत की जीडीपी 3.71 लाख करोड़ डॉलर रही. जीडीपी किसी देश में पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं की कुल वैल्यू है. देश में ढाई लाख इंडस्ट्री ही हमारी अर्थव्यवस्था की नींव है.

उद्योग देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए देश में उद्योगों की स्थिति समझने के लिए भारत सरकार हर साल 'वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण' (Annual Survey of Industries) कराती है. ये सर्वे उन बड़ी फैक्ट्रीज के आंकड़े बताता है जो भारत सरकार से रजिस्टर्ड हैं. 

सर्वे से पता चलता है कि उन फैक्ट्रीज में कितने कर्मचारी हैं, कितना बिजली-पानी का इस्तेमाल होता है और साल भर फैक्ट्रीज का प्रदर्शन कैसा रहा. इस सर्वे में वो फैक्ट्रीज शामिल होती हैं जो फैक्टरीज एक्ट 1948 के तहत रजिस्टर्ड हैं या बीड़ी और सिगार वर्कर्स एक्ट 1966 के तहत आती हैं. 

2021-2022 के सर्वेक्षण में दो तरह के सैंपल लिए गए: सेंट्रल सैंपल और स्टेट सैंपल. सेंट्रल सैंपल में कुछ कम विकसित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी कारखानों को शामिल किया जाता है.

इनमें अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, मिजोरम, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लद्दाख शामिल हैं. बाकी बचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की फैक्ट्रीज को स्टेट सैंपल में शामिल किया जाता है. हर राज्य के लिए अलग-अलग सैंपल तैयार किए जाते हैं.

पहले समझिए देश के क्यों जरूरी हैं फैक्ट्रियां
कल्पना कीजिए कि आपके पास कोई खिलौना नहीं है, कोई कपड़ा नहीं है, कोई गाड़ी नहीं है. आपके पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं है. आपके पास घर नहीं है, कोई काम नहीं है. यह एक ऐसी दुनिया की कल्पना है जहां कोई फैक्ट्री नहीं है.

फैक्ट्रियां ऐसी जगहें हैं जहां चीजें बनाई जाती हैं. जैसे खिलौने, कपड़े, गाड़ियां, भोजन, घर और बहुत कुछ. फैक्ट्रियां देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अहम हैं. फैक्ट्रियां लोगों को रोजगार देती हैं. लोग फैक्ट्रियों में काम करके पैसा कमाते हैं, जिससे वे अपनी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. यहां अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट्स बनते हैं जिनका दुनियाभर के लोग इस्तेमाल करते हैं.

फैक्ट्रियां देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. वे नई तकनीक अपनाने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करती हैं. इससे देश का निर्यात बढ़ता है.

विदेशी बाजारों में भारतीय प्रोडक्ट बेचकर देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करती है. सरकार को टैक्स मिलता है. इस टैक्स का इस्तेमाल सरकार सामाजिक और विकास कार्यों के लिए करती है.

भारत में कितनी रजिस्टर्ड फैक्ट्रियां
2021-2022 के सरकारी सर्वे के अनुसार, भारत में कुल 2 लाख 49 हजार 987 रजिस्टर्ड फैक्ट्रीज हैं. ये कुल संख्या है जिनमें ऑपरेशनल और क्लोज्ड (बंद हो चुकी) दोनों शामिल हैं. इनमें से दो लाख 576 ऑपरेशनल हैं. इनमें वो फैक्ट्रीज शामिल हैं जिनमें उत्पादन हो रहा है और जो उत्पादन नहीं कर रही हैं लेकिन अभी भी कर्मचारियों को रखा हुआ है. 
सभी रजिस्टर्ड फैक्ट्रीज की कुल फिक्स्ड कैपिटल 37.26 लाख करोड़ है. फिक्स्ड कैपिटल ऐसी संपत्तियां होती हैं जिनका प्रोडक्ट बनाने के लिए कई बार इस्तेमाल किया जाता है. ये नष्ट नहीं होती हैं, हालांकि इनकी वैल्यू कम होती रहती है. जैसे- मशीनरी, उपकरण, बिल्डिंग.

इन फैक्ट्रियों का कितना मुनाफा
इन सभी फैक्ट्रीज में काम करने वाले कर्मचारियों की कुल संख्या 1 करोड़ 72 लाख 15 हजार 350 है. इनमें सैलेरीड, कॉन्ट्रैक्चुअल, ठेकेदार, मजदूर सभी कर्मचारी शामिल हैं.

ये सभी मिलकर कुल लगभग 119.27 लाख करोड़ का उत्पादन करते हैं. कच्चे माल की लागत घटाने के बाद (GVA) कुल 20.47 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ.

किस सेक्टर में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां
देश में सबसे ज्यादा रजिस्टर्ड फैक्ट्रीज फूड प्रोडक्टस की हैं. कुल 15.86 फीसदी फैक्ट्रीज में फूड प्रोडक्ट्स बनते हैं. ऑपरेशनल भी सबसे ज्यादा फूड प्रोडक्टस की फ्रैक्ट्रीज हैं और सबसे ज्यादा 11.05 फीसदी कर्मचारी भी यहीं हैं.

हालांकि फिक्स्ड कैपिटल सबसे ज्यादा 18.18 फीसदी बेसिक मेटल्स (Basic Metals) की फैक्ट्रीज के पास है. उत्पादन सबसे ज्यादा बेसिक मेटल्स फैक्ट्रीज में होती है और लागत घटाने के बाद सबसे ज्यादा फायदा (GVA) 16.68 फीसदी भी इन्हें ही होता है. 

देश में सबसे ज्यादा रजिस्टर्ड टॉप-5 फैक्ट्रियां- फूड प्रोडक्ट्स, गैर-धात्विक खनिज उत्पाद, टेक्सटाइल्स, फेब्रिकेशन मेटल, रबड़ प्लास्टिक प्रोडक्ट्स.
सबसे ज्यादा कर्मचारी कहां-  फूड प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल्स, बेसिक मेटल्स, वीयरिंग अपैरल, मोटर व्हीकल्स.
सबसे ज्यादा मुनाफे (GVA) वाली टॉप-5 फैक्ट्रियां- बेसिक मेटल्स, कैपिकल प्रोडक्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स 

प्रोडक्ट्स, फूड प्रोडक्ट्स, मोटर व्हीकल्स.
किस राज्य में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां
ये फैक्ट्रीज किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम होती हैं. भारत में कुल ढाई लाख रजिस्टर्ड फैक्ट्रीज में से सबसे ज्यादा 15.81 फीसदी फैक्ट्रीज तमिलनाडु में हैं. सबसे ज्यादा ओपेरेशनल फैक्ट्रीज औ सबसे ज्यादा कर्मचारी भी तमिलनाडू में ही हैं. सबसे ज्यादा फिक्स्ड कैपिटल और उत्पादन के मामले गुजरात आगे है. हालांकि जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडिड) सबसे गुजरात का है.

20 करोड़ जनसंख्या के साथ उत्तर प्रदेश देश सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है. लेकिन फैक्ट्रीज की संख्या के मामले में उत्तर प्रदेश चौथे नंबर पर है. कर्मचारियों की संख्या और उत्पादन के मामले में यूपी चौथे नंबर पर है. कच्चे माले की लागत के बाद मुनाफा करने के मामले में यूपी पांचवें नंबर पर है.

निर्यात से जुड़ी कुछ खास बातें


भारत में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां कहां: 5 प्वाइंट्स में समझिए उद्योग जगत का पूरा लेखा-जोखा
भारत का कारोबार दुनियाभर के देशों के साथ होता है. 2023 में भारत का कुल निर्यात 0.4 फीसदी बढ़कर 765.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया. कुछ खास चीजों के निर्यात से भारत की अर्थव्यवस्था को मदद मिली, जिनमें शामिल हैं इलेक्ट्रॉनिक सामान, दवाइयां, कच्चा सूत, कपड़े, मिट्टी के बर्तन, मांस, फल और सब्जियां.

अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, बांग्लादेश, ब्रिटेन और जर्मनी भारत के प्रमुख निर्यातक देश हैं. हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास संकट और यमन के हौथी विद्रोहियों का मालवाहक जहाजों पर हमले के कारण निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा.


भारत में सबसे ज्यादा फैक्ट्रियां कहां: 5 प्वाइंट्स में समझिए उद्योग जगत का पूरा लेखा-जोखा

दिसंबर 2023 में भारत का कुल निर्यात 38.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. इससे पिछले महीने (नवंबर 2023) की तुलना में ये 4.6 अरब अमेरिकी डॉलर ज्यादा है, जो 33.9 अरब डॉलर था. अब तक का सबसे ज्यादा निर्यात मार्च 2022 में हुआ था जो 44.6 अरब अमेरिकी डॉलर था. वहीं जून 1991 में सबसे कम निर्यात हुआ था जो सिर्फ 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर था.